शांति, स्थिरता के लिए मिलकर काम करेंगे भारत-इजरायल…

तेल अबीब,05 जुलाई। भारत और इजराइल ने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सहयोग करने के साथ साथ श्रेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा इजरालय के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने द्विपक्षीय बैठक के बाद आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार और प्रौद्योगिक दोनों देशों की बड़ी ताकत है जिसका इस्तेमाल दोनों मुल्कों के साथ ही पूरी दुनिया की तरक्की के लिए किया जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत हिंसा और आतंकवाद का सामना कर रहा है और इजरायल को भी ऐसी ही स्थितियां झेलनी पड़ी हैं। इसके मद्देनजर दोनों देशों ने अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने के साथ साथ आतंकवाद और साइबर हमलों का मिलकर मुकाबला करने का फैसला किया है। श्री नेतन्याहू ने इस अवसर पर कहा हम मिलकर इतिहास बना रहे हैं। हम खुद को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को बदल रहे हैं। भारत और इजरायल की यह जोड़ी ईश्वर ने बनाई है। भारत का सहयोग इजरायल के लिए बहुत मायने रखता है। दोनों ही देश साझा हितों के हर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं। श्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री के साथ बातचीत को बेहद सार्थक बताते हुए कहा कि उन्होंने न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि विश्व शांति और स्थिरता के लिए भी सहयोग बढ़ाने पर विचार विमर्श किया। उन्होंनेे कहा कि दोनों देश साझा हितों और अपने लोगों के बीच एकजुटता बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे। श्री नेतन्याहू ने इस अवसर पर मुंबई आतंकवादी हमलों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के जिस खतरे से जूझ रहा है, उसे इजरायल समझता है और इसलिए दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार,जल संसाधन और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इजरायल दुनिया के अग्रणी देशों में से है।
भारत के विकास में यह प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। ऐसे में दोनों ही देशों ने जल संसाधन के तर्कसंगत इस्तेमाल, जल संरक्षण और जल शोधन और कृषि उत्पादकदा बढ़ाने में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों का यह मानना है कि उनके वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता इस क्षेत्र में परस्पर फायदे वाले समाधान ढूंढने में कामयाब होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नवाचार और प्रौद्योगिकि के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए दोनों देशो नें औद्योगिक विकास और अनुसंधान के वास्ते चार करोड़ डॉलर को कोष बनाने का फैसला किया है। प्रगाढ़ मित्रता के जरिए दोनों देश आपसी व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए तत्पर हैं।श्री नेतन्याहू और मैंने इस दिशा में और अधिक सहयोग करने का फैसला किया है। दोनों मुल्कों के कारोबारियों को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी है।
उन्होंने इजरायल में गर्मजोशी से स्वागत किए जाने के लिए श्री नेतन्याहू का अभार जताते हुए कहा कि वह इजरायल की असाधारण यात्रा पर आने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा ‘प्रगति के पथ पर बढऩे के हमारे रास्ते अलग रहे हैं लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक उन्नति के बारे में हमारी सोच एक जैसी है।Ó

 

अंतरिक्ष तथा जल प्रबंधन सहित सात अहम करार

तेल अवीव, 05 जुलाई। भारत और इजरायल ने अंतरिक्ष,कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में आज सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए इनमें औद्योगिक अनुसंधान एंव विकास के लिए चार करोड़ डालर का तकनीकि नवाचार कोष गठित करने का समझौता भी शामिल है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए तीन अहम करार किए गए जिनमें परमाणु घडिय़ों के मामले में सहयोग,भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और इजरायल की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच जियो आप्टिकल लिंक तथा छोटे उपग्रहों से संबंधित समझौता शामिल है।
कृषि के क्षेत्र में 2018 से 2020 तक तीन वर्षीय कार्य योजना तथा जल प्रबंधन के क्षेत्र में भारत में जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाने का समझौता भी किया गया है। उत्तर प्रदेश में जल आपूर्ति में सुधार के संबंध में भी एक करार किया गया है जिस पर उत्तर प्रदेश जल निगम तथा इजरायल के जल संसाधन मंत्रालय की ओर से हस्ताक्षर किए गए।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए तय प्रक्रिया जरूरी -सुप्रीम कोर्ट…

नयी दिल्ली, 05 जुलाई। उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयुक्तों की पारदर्शी तरीके से नियुक्तियों के लिए प्रकिया तय करने की आवश्यकता जताई है। मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह केहर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने अनूप बर्नवाल नामक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा अभी तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियां निष्पक्ष एवं पारदर्शी रही हैं, लेकिन हम भी मानते हैं कि इसके लिए कोई तय प्रक्रिया मौजूद नहीं है। पीठ ने कहा निर्वाचन आयोग पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए जरूरी है कि नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी हो और इसके लिए उचित कानून और नियम हो। संसद ने अभी तक ऐसा कोई कानून नहीं बनाया है। अगर संसद ऐसा नही करती है तो क्या अदालत को दख़ल नही देना चाहिये। न्यायमूर्ति ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा हालांकि अभी तक चुनाव आयुक्तों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पदों पर उन बेहतर लोगों की नियुक्ति हुई है, जिनकी निष्ठा सन्देह से परे रही है, लेकिन नियुक्ति प्रकिया को पारदर्शी बनाने के लिए उचित कानून/नियम का होना जरूरी है। न्यायालय ने कहा कि यदि संसद इसे लेकर कोई कानून नहीं बनाती है तो मामले का निपटारा न्यायिक स्तर पर किया जा सकता है। न्यायालय ने यह टिप्पणी उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी है, जिसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के पद के लिए नामों की सिफारिश करने के लिए एक तटस्थ और स्वतंत्र चयन समिति का गठन करे। याचिकाकर्ता ने विपक्ष के नेता (एलओपी) और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की मौजूदगी वाली समिति के गठन की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई दो माह होने की संभावना है, क्योंकि शीर्ष अदालत ने सरकार को उचित प्रस्ताव के साथ आने के लिए दो महीने का वक्त दिया है।

अभी तक प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर राष्ट्रपति मुख्य निर्वाचन आयुक्त और सदस्यों की नियुक्ति करते रहे हैं, यानी अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्था में नियुक्ति की प्रक्रिया सरकार के हाथों में है।
विधि आयोग और प्रशासनिक सुधार आयोग भी चुनाव आयोग में नियुक्ति के लिए निष्पक्ष समिति की सिफारिश कर चुके हैं। याचिका में अदालत से दख़ल देने की मांग की गई है।

रोजगार मुहैया न कराने पर बोझ बन सकती है युवा आबादी -प्रणव…

बेंगलुरु, 05 जुलाई। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि युवकों को रोजगार के अवसर मुहैया नहीं कराए गए तो युवाओं की विशाल आबादी देश के लिए फायदेमंद साबित होने के बजाए बोझ बन सकती है। राष्ट्रपति के रूप में किसी केंद्रीय संस्थान के अपने अंतिम दौरे पर आये श्री मुखर्जी ने यहां भारतीय विज्ञान संस्थान(आईआईएससी) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 2020 तक अमेरिका, यूरोप और जापान के मुकाबले भारत में युवकों की आबादी बुजुर्गों से ज्यादा हो जाएगी। विश्व के रोजगार बाजार में इस बड़ी आबादी के लिए अपार अवसर हैं जिसका फायदा देश को मिल सकता है। उन्होंने कहा मुझे डर है कि यदि इन युवाओं का कौशल विकास करके उन्हें रोजगार मुहैया नहीं कराया गया तो यह आबादी बोझ बन जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि नेताओं, प्रशासकों और उच्च शिक्षण संस्थानों को योजनाएं बनाते समय इस बात को ध्यान में रखना होगा। अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए 2022 तक 50 करोड़ लोगों के कौशल विकास जैसी सरकार की पहल की तहे दिल से प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें अमली जामा पहनाया जाना चाहिए। श्री मुखर्जी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास में भारत ने विश्व में ऊंचा स्थान हासिल किया लेकिन अब विभिन्न देश कुशल श्रमिकों का आवागमन रोकने के लिए अपनी आव्रजन नीतियों में बदलाव कर रहे हैं इसलिए भारत को इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि शोध एवं नवोन्मेष में पर्याप्त निवेश न करके इनकी उपेक्षा की गई है और जब तक इनमें पर्याप्त निवेश नहीं किया जाएगा तब तक देश में अपेक्षित विकास नहीं हो सकेगा। उन्होंने कुशाग्र बुद्धि एवं मेधावी छात्रों से मौलिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया । उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से सिर्फ अपने और परिवार को सुखी एवं समृद्ध बनाने की बजाय राष्ट्रनिर्माण में भी योगदान करने को कहा । श्री मुखर्जी ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में देश में उच्च शैक्षणिक संस्थानों एवं कालेजों की संख्या तेजी से बढी है लेकिन योग्य शिक्षकों ,ढांचागत सुविधाओं और शोधार्थियों के लिए अनुकूल माहौल की कमी है। आज ऐसे शिक्षकों की जरूरत है जो युवा मनो-मस्तिष्क को तेजमय और ऊर्जावान बना सकें ।
श्री मुखर्जी ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में देश में उच्च शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है लेकिन योग्य एवं कुशल शिक्षकों, ढांचागत सुविधाओं और शोधार्थियों के लिए अनुकूल माहौल की कमी है। आज ऐसे शिक्षकों की जरूरत है जो युवा मनो-मस्तिष्क को तेजमय और ऊर्जावान बना सकें। उन्होंने कुशाग्र बुद्धि एवं मेधावी छात्रों से मौलिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया ।
राष्ट्रपति ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से सिर्फ अपने और परिवार को सुखी एवं समृद्ध बनाने की बजाय राष्ट्रनिर्माण में भी उत्पादक एवं फलदायी योगदान करने को कहा।
इससे पहले श्री मुखर्जी ने भावुक होकर कहा कि राष्ट्रपति के रूप में किसी केंद्रीय संस्थान का यह उनका अंतिम दौरा है और उन्हें इस बात की खुशी है कि वे ऐसे संस्थान में आये हैं जिसने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि आईआइएससी को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने ‘नये संस्थानोंÓ की श्रेणी में पांचवें स्थान पर रखा है।

जम्मू कश्मीर विधानसभा में जीएसटी विधेयक पारित…

श्रीनगर, 05 जुलाई। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रस्ताव आज पारित हो गया, जम्मू-कश्मीर देश का इकलौता राज्य था जहां एक जुलाई से जीएसटी लागू नहीं हुआ था। वित्त, श्रम एवं रोजगार मंत्री हसीब द्राबु के विधानसभा के चार दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन सदन में भाषण समाप्त होते ही अध्यक्ष कविंदर गुप्ता ने जीएसटी प्रस्ताव मतदान के लिए रखा जिसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया। अब मंत्रिमंडल संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत राज्य के विशेष दर्जे के हित में निर्णय लेने में सक्षम होगा। डा. द्राबु ने कल विधान सभा में जीएसटी का प्रस्ताव पेश किया था। डा. द्राबु ने कहा इस सदन ने यह तय किया कि जम्मू कश्मीर सरकार जीएसटी प्रणाली को स्वीकार करने पर संविधान में प्रासंगिक संशोधन के तहत मंजूरी दे सकती है।

बिजनौर पुलिस दरोगा हत्याकाण्ड – रिश्तेदारों से 12 हजार रुपए लेकर चौकी के लिए निकले थे दरोगा सहजोर जेब में मिले मात्र 4600 रुपए…

नांगल सोती। 5 रातें और 5 दिन बीतने के बाद भी पुलिस दरोगा हत्याकाण्ड को सुलझाने में विफल है। ये किसी आम आदमी की हत्या का मामला नहीं है, बल्कि पुलिस के अपने ही एक दरोगा की हत्या का मामला है, वो भी ऑन ड्यूटी तथा अपने ही तैनात क्षेत्र में निर्मम हत्या का। इससे सवाल उठाने लगे हैं कि क्या बदमाश पुलिस से बहुत ज्यादा शातिर हो गए हैं। डीआई ओंकार सिंह का कहना है कि पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची, अभी तक दरोगा का सर्विस रिवाल्वर भी गायब है।
ज्ञातव्य है कि मण्डावर थाने की बालावाली पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई सहजोर सिंह मलिक की गत 30 जून की रात्रि सरेशाम उस समय धारदार हथियार से काटकर निर्मम हत्या कर दी गईथी, जब वे मण्डावर-बालावाली मार्ग से बालवाली पुलिस चौकी जा रहे थे तथा चौकी से मात्र एक किमी. दूर ही रह गए थे। एसटीएफ सहित पुलिस की कई टीमें इस हत्याकाण्ड को सुलझाने में लगी हुई हैं, मगर 5र ातें तथा 5 दिन बीतने के बाद भी मामला वहीं ढाक के तीन पात है। दरोगा की निर्मम हत्या क्यों और किसने की, पुलिस अभी तक इसका सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस टीमें दिन-रात लगी हुई हैं, मगर पुलिस न ही दरोगा के हत्यारों तक पहुंच पाई है और न ही दरोगा के सर्विल रिवाल्टर तक। उल्लेखनीय है कि दरोगा का सर्विस रिवाल्वर भी होलेस्टर से गायब था। इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या बदमाश, बिजनौर पुलिस से कहीं ज्यादा शातिर हैं। क्या बदमाश कोई ऐसा सबूत छोड़ ही नहीं गए हैं, जो पुलिस 5 दिन बाद भी हत्यारों तक नहींपहुंच पा रही है, जबकि ये किसी आम आदमी का मा मर्डर नहीं है। ये मर्डर पुलिस के अपने ही एक दरोगा का है, जो ड्यूटी पर गये थे तथा अपने तैनाती क्षेत्र में ही थे।
डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह इस हत्याकाण्ड क े खुलासे के लिए लगातार बिजनौर में ही डेरा डाले हुए थे तथा पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। 4 दिन बाद मंगलवार की शाम डीआईजी भी वापस मुरादाबाद लौट गए हैं।
डीआईजी ओंकार सिंह ने बताया कि पुलिस के हाथ अभी कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं लगा। अभी तक पुलिस के हाथ दरोगा का गायब हुआ सर्विस रिवाल्वर भी नहीं लगा है। पुलिस की जांच लगातार जारी है। डीआईजी ने यह भी बताया कि विवेचना में यह तथ्य तो सामने आया है कि दरोगा ने रिश्तेदारी में से 12 हजार रुपए लिए थे और उनकी जेब में मात्र 4600 रुपए मिले, मगर एक हाथ की उंगली में से सोने की अंगूठी गायब होने का तथ्य विवेचना के दौरान प्रकाश में नहीं आया है। डीआईजी को विश्वास है कि जल्द ही पुलिस के सामने कोई ठोस क्लू जरूर आयेगा, जिससे पुलिस घटना का खुलासा कर पाएगी।

रिवाल्वर सबसे बड़ी चुनौती

नांगल सोती। पुलिस 5 दिन बाद भी दरोगा मडर्र केस में खाली हाथ है, तो पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों, हाई क्राम में जेल गए लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। पूरे जनपद की पुलिस अपने थाना क्षेत्र के एचएस और हत्या, लूट आदि बड़े अपराधों में जेल गए तथा अब जमानत वगैरह पर बाहर आए लोगों से पूछताछ कर रही है। कोई क्लू हाथ न लगने से परेशान पुलिस सोच रही है कि शायद इसी तरह से पुलिस केहाथ कोई सुराग नहीं लग जाए। सूत्रों के अनुसार दरोगा मर्डर केस में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दरोगा का रिवाल्वर ढूंढने की है।

अभी तक पुलिस के हाथ खाली

नांगल सोती। वैसे तो दरोगा की उसी के तैनाती क्षेत्र में निर्मम हत्या कर बदमाशों ने पुलिस को पहले ही खुला चैलेंस दिया था, मगर जिस तरह से पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, उससे पुलिस का चैलेंज और बड़ा हो गया है। पुलिस विभाग में तो दरोगा हत्याकाण्ड छाया हुआ है ही, आम जनता में भी यहां-वहां, जहां-तहां इसी हत्याकाण्ड की चर्चा है। आम जनता में भी दरोगा हत्याकाण्ड के खुलासे को लेकर काफी जिज्ञासा, उत्सुकता है। बुद्धिजीवी ऑन ड्यूटी दरोगा की निर्मम हत्या को पुलिस सिस्टम पर बदमाशों का करारा हमला मान रहे हैं।

उत्तराखण्ड के बदमाश भी शक केे घेरे में

बालावाली। दरोगा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिये पुलिस ने सारे जोर लगा दिये हैं, लेकिन उसके हाथ अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंचे हैं। घटना में उत्तराखण्ड के बदमाशों का हाथ होने का शक भी जाहिर किया जा रहा है। बालावाली में गंगा नदी पर पुल बना है, तब से बालावाली चौकी से उत्तराखण्ड की दूरी तीन-चार किलोमीटर रह जाती है। पुलिस को लगता है कि उत्तराखण्ड के कई बदमाश बालावाली क्षेत्र में सक्रिय हैं, अत: पुलिस इस बारे में भी छानबीन कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिये उठाया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस टीम लगातार वर्क कर रही है जल्दी ही केस का खुलासा होने की उम्मीद है।

किरतपुर – आर्थिक तंगी से परेशान व्यक्ति ने कू्ररता की हदें पार कीं – पत्नी व पुत्रियों पर पाठल से हमला कर जहर खाकर जान दी

 

घायल मां-बेटियों को उपचार के लिए मेरठ ले जाया गया

किरतपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक व्यक्ति ने क्रूरता तथा निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी तथा दो पुत्रियों पर पाठल से जानलेवा हमला कर दिया और जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। गम्भीर रूप से घायल मां-बेटिया का मेरठ में इलाज चल रहा है। हृदय विदायक इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पाप्त समाचार के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम भोजपुर निवासी निर्वेश कुमार (45 वर्ष) पुत्र ज्ञान प्रकाश के घर से मंगलवर की रात लगभग 12 बजे चीखने-चिल्लाने की आवाज आने पर पड़ासे में रहने वाले उसके तयेरे भाई योगेश ने यह समझकर कि बदमाश आ गए हैं, अपनी लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायर किया। फायर तथा चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर योगेश का भाई महेश तथा उसके परिजन भी जाग गए तथा आसपास के लोग भी दौड़ पड़े। पड़ोसियों ने निर्वेश के घर पर पहुंचकर देखा तो निर्देश की पुत्री खून में लथपथ घर के बाहर खड़ी चीख-पुकार रही थी। अंदर कमरे में निर्वेश की पत्नी उषा तथा दूसरी पुत्री भी लहूलुहान थी तथा उनकी गर्दन, मुंह व हाथों पर किसी धारदार हथियार से वार के निशान थे। कमरे में चारों तरफ खून बिखरा पड़ा था। नजारा देखकर पड़ोसियों के रोंगटे खड़े हो गए। पड़ोसियों ने पहले तो सोचा कि शायद यह काम बदमाशों का है, लेकिन घायलों के यह बताने पर कि उनकी यह दशा निर्देश ने की है पड़ोसी भी दंग रह गए। बताया जाता है कि इसी बीच निर्देश ने भी कोई जहरीला पदार्थ खा लिया और कमरे से बाहर आ गया और हालत बिगडऩे पर वही गिर पड़ा। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायल मां, बेटियों व निर्देश को बिजनौर पहुंचवाया, जहां से उनकी हालत देखते हुए मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया। मेरठ ले जाते समय निर्देश ने दम तोड़ दिया। घायल मां-बेटियों को मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और तमाम लोग मौके पर जमा हो गए।
घटना का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्देश कुमार ने मेडिकल स्टोर खोल रखा था। कुछ वर्ष पूर्व वह एक कम्पनी के एजेंटों के सम्पर्क में आ गया था, जिन्होंने उसे सब्जबाग दिखाते हुए कम्पनी से जोड़ लिया था। शॉर्टकट से पैसा कमाने के लालच में वह कम्पनी से जुड़ फील्ड में घूमने लगा था और मेडिकल स्टोर पर ध्यान देना बंद कर दिया था, जिसके कारण मेडिकल स्टोर बंद हो गया था। इसके बाद वह काम के सिलसिले में पानीपत चला गया था, लेकिन बदकिस्मती से वहां भी उससे काम नहीं हुआ और लौट आया। बेरोजगारी के कारण वह आर्थिक तंगी का शिकार हो गया तथा परेशान रहने लगा। समझा जा रहा है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे निर्वेश कमार ने कमरे में सो रही पत्नी तथा दोनों बेटियों को जान से मारने के इरादे से उन पर पाठल से हमला कर दिया लेकिन चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों के आ जाने पर वह अपने मकसद में कामयाब नहीं सका, लेकिन उसने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान गंवा दी। खून से सनी पाठल भी पुलिस को कमरे से मिली है। बताया जाता हे कि निर्वेश की तीसरी बेटी रचना अपनी दादी के साथ अलग घर में सो रही थी, इसलिए वह बच गई। शरीर की सिरहन पैदा कर देने वाली इस हृदय विदायक घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

राजा का ताजपुर – दुकान में आग लगाने से दो लाख कपड़ा जलकर राख

राजा का ताजपुर। कृष्ण मंदिर के पास स्थित कपड़े की दुकान में बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में लगभग दो लाख रुपए का कपड़ा जलकर राख हो गया। दुकान स्वामी मौ. सुल्तान निवासी ग्राम जमालपुर के अनुसार उसकी दुकान में कटपीस का माल था। रात्रि लगभग 3 बजे मौहल्ले के लोगों ने दुकान में आग लगने की सूचना दी। मौहल्ले के लोगों ने अपने प्रयास से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक दुकान का सारा कपड़ा जल चुका था। उसने बताया कि दुकान में खाली फिटिंग है। रात में विद्युत सप्लाई के दौरान फिटिंग में फाल्ट होने पर दुकान में आग लग गई।
सीसी टीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो को उठाया
नगीना। दो दिन पूर्व हैंडीक्राफ्ट कारोबारी की बाइक से चोरी हुए 90 हजार रुपए के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि दो दिन पूर्व मौहल्ला विश्नोई सराय निवासी हैंडीक्राफ्ट कारोबारी नितेश विश्नोई ने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से 99 हजार रुपए निकाले थे, जिनमें से 90 हजार रुपए उन्होंने थैले में रखकर बाइक की डिग्गी के साइड बैग में रख लिए थे। बैंक से कुछ कदम की दूरी पर जाने के बाद ही नितेश ने देखा तो बाइक के साइड बैग से नोटों का बैग गायब था, जिसकी सूचना उसने पुलिस को दी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने आसपास के दुकानदारों की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और बुधवार को फटेज के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
युवती से छेड़छाड़ करने वाले को पुलिस ने फीलगुड कर छोड़ा
बिजनौर। अश्लील फब्तियां कसते हुए युवती के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने फीलगुड कर छोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त पक्ष पर फैसले का दबाव बनाया और फैसला कराने के लिए आरोपी युवक के परिजनों से मोटी रकम वसूल की। स्थानीय मौहल्ला खत्रियान स्थित कांशीराम कालोनी निवासी एक युवती से कालोनी के ही रहने वाले भोलू नामक युवक ने अश्लील फब्तियां कसते हुए छेड़छाड़ की थी, जिसकी शिकायत युवती के परिजनों ने जाटान चौकी पुलिस से की थी। चौकी पर तैनात सिपाही भोलू को हिरासत में लेकर थाने ले आए थे और आरोपी को हवालात में बंद कर कार्यवाही शुरू कर दी थी। इसी बीच आरोपी के परिजनों ने थाने में तैनात दरोगा रोहित शमा्र से सम्पर्क किया। इसके बाद दरोगा ने अपना उल्लू सीधा करने के लिए युवती व उसके परिजनों को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। दरोगा ने युवती व उसके परिजनों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर दबाव बनाया और छेड़छाड़ के आरोपी को बचाने के लिए उसके खिलाफ मुदमा भी दर्ज नहीं होने दयिा। दरोगा की एकपक्षीय कार्यवाही को देखते पीडि़ता के परिजन इंसाफ की जग शुरू होने से पहले ही हार गए और दरोगा के दबाव में फैसला कर लिया। छेड़छाड़ के आरोपी को बचाने क ेलिए दरोगा रोहित शर्मा ने मोटी रकम वसूली।

इजरायल में नेतन्याहू ने किया मोदी का भव्य स्वागत, नेतन्याहू ने हिन्दी में कहा- स्वागत है मेरे दोस्त…

तेल अवीव, 04 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा पर आज यहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़ कर उनकी अगुवानी की और उन्हें विश्व का महान नेता बताया। श्री मोदी इजरायल की तीन दिन की यात्रा पर अपराह्न तेल अवीव पहुंचे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस पहली इजरायल यात्रा है। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर विमान से उतरते ही श्री नेतान्याहू ने बहुत गर्मजोशी से श्री मोदी का हाथ थाम लिया और उनसे गले मिले। फिर दोनों नेताओं को इजरायली सेना की टुकड़ी ने सलामी दी और दोनों देशों की राष्ट्रगान की धुन बजायी। मेज़बान प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे पर ही बने एक पंडाल में श्री मोदी का स्वागत करते हुए हिन्दी में कहा इजरायल में आपका स्वागत है मेरे दोस्त। उन्होंने कहा कि वह सात साल से भारतीय प्रधानमंत्री की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा हम भारत से प्रेम करते हैं, आपकी संस्कृति, इतिहास, लोकतंत्र और प्रगति के लिये प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं। उन्होंने भारत एवं इजरायल को स्वाभाविक मित्र बताते हुए सहयोग का नया सूत्र गढ़ा। ‘आई स्क्वायरÓ यानी भारत एवं इजरायल और ‘टी स्क्वायरÓ प्रतिभा एवं प्रौद्योगिकीÓ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दृढ़ विश्वास है कि हमारे जनजीवन के ये समीकरण हमारी साझेदारी की सफलता तय करेंगे। हमारे लोगों की प्रतिभा से हम बहुत बेहतर कर सकते हैं। श्री मोदी ने भी हिब्रू भाषा में श्री नेतन्याहू एवं इजरायली लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के समाज के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिये यह सम्मान की बात है कि वह इजरायल आने वाले भारत के प्रथम प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों की रूपरेखा बताते हुए कहा कि हम साझा आर्थिक समृद्धि की साझेदारी का निर्माण करने के साथ साथ अपने समाज को आतंकवाद के खतरे से सुरक्षित रखने में भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस यात्रा के माध्यम से द्विपक्षीय साझेदारी के और मज़बूत करने का संकल्प व्यक्त किया। बाद में श्री नेतन्याहू ने श्री मोदी का अपनी सरकार के प्रमुख मंत्रियों एवं अधिकारियों से परिचय कराया।