आप सभी को बिजनौर टाइम्स परिवार की और से नए साल की हार्दिक शुभकामनायें…

नए रंग हों नयी उमंगें आँखों में उल्लास नया
नए गगन को छू लेने का मन में हो विश्वास नया
नए वर्ष में चलो पुराने मौसम का हम बदलें रंग
नयी बहारें लेकर आये जीवन में मधुमास नया
नए वर्ष हार्दिक बधाई

बिजनौर – कब्रिस्तान की भूमि पर दुकानें बनाने को लेकर राजनीति गर्माई

वक्फ की सम्पत्ति का सही इस्तेमाल हो तो काफी हद तक दूर हो सकती है मुस्लिमों की बदहाली

बिजनौर – जानी का चौराहा स्थित कब्रिस्तान पर दुकानें बनवाने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कब्रिस्तान के मुतवल्ली व अन्य बुद्धिजीवी मुस्लिमों ने दुकानों का विरोध करने वाले लोगों की निंदा की है।
मालूम हो कि जानी के चौराहा स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर वर्षों से कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। इन लोगों ने कब्जाई गई कब्रिस्तान की भूमि पर खोखे आदि रख रखे थे। लगभग एक वर्ष पूर्व वक्फ बोर्ड लखनऊ द्वारा हनीफ कुरैशी को उक्त कब्रिस्तान का मुतवल्ली बना दिया गया। हनीफ ने भागदौड़ कर कब्जाई गई भूमि पर दुकानें बनाने का प्रस्ताव पास करा लिया। उच्चाधिकारियों के आदेश पर कब्रिस्तान की भूमि से कब्जा हटाने के आदेश हो गए, जिससे कब्जाधारकों में हड़कम्प मच गया। उन्होंने कब्रिस्तान की भूमि पर दुकानें बनाने का विरोध करना शुरू कर दिया। दुकानदारों ने अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए धार्मिक भावनाओं का सहारा लिया। दुकानदारों व उनके साथ लगे लोगों ने प्रचार किया कि जहां दुकानें बनाई जाएंगी वहां अनेक लोगों की कब्रें हैं। कब्रों पर दुकानें बनाना उचित नहीं। दुकानदारों का ये तर्क मुतवल्ली अन्य समझदार लोगों ने यह कहकर खारिज कर दिया कि जब कब्रों पर उन्होंने खोखे रख रखे हैं तो पक्की दुकानें क्यों नहीं बन सकतीं। जब उक्त दुकानदारों की कोई बात नहीं चली तो उन्होंने एसडीएम व सीओ के सामने मुतवल्ली से यह लिखित समझौता कर लिया कि वे स्वयं अपने खोखे हटा लेंगे लेकिन पक्की दुकानें प्राथमिकता के आधार पर रियायती दरों पर दी जाएं। इस समझौते के बावजूद दुकानदारों ने अपने खोखे नहीं हटाए थे, जिस पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर खोखे हटवा दिए थे, जिस पर खूब हंगामा हुआ था। अब इस मामले को लेकर राजनीति हो रही है। मुतवल्ली के अनुसार कुछ लोग दुकानदारों को भड़काकर दुकानों का निर्माण न होने देने की सलाह दे रहे हैं। दुकानदार उक्त लोगों के बहकावे में आ रहे हैं। कभी दुकानदार चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी तो कभी मुस्तफा ठेकेदार को निशाना बना रहे हैं। मुतवल्ली हनीफ कुरैशी व शहर के समझदार लोगों ने इस मामले में राजनीति करने वालों की निंदा की है। उक्त लोगों का मानना है कि कब्रिस्तान की जिस भूमि पर खोखे रखे थे, उस भूमि पर यदि पक्की दुकानें बन जाएं तो न केवल कब्रिस्तान की आमदनी बढ़ेगी बल्कि अनेक लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। कई बुद्धिजीवी मुस्लिमों का कहना है कि वक्फ की सम्पत्ति का मुस्लिम सही इस्तेमाल नहीं कर रहे। यदि वक्फ की सम्पत्ति का मुस्लिम सही इस्तेमाल करें तो काफी हद तक मुस्लिमों की बदहाली दूर हो सकती है।

बिजनौर – सचिव पद पर हुआ डीएम जगतराज का प्रमोशन…

बिजनौर। लोकप्रिय डीएम जगतराज त्रिपाठी का शासन में सचिव पद पर प्रमोशन हो गया है। शीघ्र ही उन्हें नई नियुक्ति मिल जायेगी। नये साल में जिले की बागडोर भी नये जिलाधिकारी के हाथों में होगी। अपने लगभग सवा साल के कार्यकाल में जिलाधिकारी जगतराज ने जनपदवासियों के दिलों में अलग स्थान बनाया। एक ओर जहां उन्होंने शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने में गहरी दिलचस्पी ली, वहां दूसरी ओर जनसमस्याओं का समाधान भी पूरी शिद्दत के साथ किया। उनकी भाषण शैली के भी लोग मुरीद रहे।
श्री जगतराज ने सपा सरकार के दौरान 15 सितम्बर 2016 को जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास में अभूतपूर्व योगदान किया। उन्होंने हर खास-ओ-आम की बात सुनी और जायज काम करने में सक्रियता दिखाई। उनकी सादगी तथा व्यवहार कुशलता लोगों के मन को भा गई। आम लोगों से सीधा संवाद करने में उनका कोई सानी नहीं। वे अपने कार्यालय में आने वाले हर व्यक्ति की बात सुनते हैं और उनकी समस्या का समाधान कराने का पूरा प्रयास करते हैं। वे अपने कार्यकाल में पूरी तरह निर्विवाद रहे। उनके कार्यकाल में विधानसभा व नगर निकायों के चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्वक सम्पन्न हुए। श्री जगतराज ने न सिर्फ सत्तापक्ष का विश्वास प्राप्त किया, अपितु विपक्ष को भी निराश नहीं किया। विपक्षी दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के न्यायोचित कार्यों को करने में उन्होंने कोई गुरेज नहीं की। इसके साथ ही गरीबों, वंचितों, दिव्यांगों तथा वृद्धों की सेवा करने में वे पीछे नहीं रहे। उन्होंने कई गरीब व्यक्तियों के इलाज में भी आर्थिक सहयोग किया।

सर्जिकल स्ट्राइक में तीन पाकिस्तानी सैनिक ढेर…

जम्मू, 26 दिसंबर। पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए की जा रही गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेना ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पार जाकर एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की जिसमेंं तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। खुफिया सूत्रों ने आज यहां बताया कि भारतीय सेना के जवान सोमवार शाम को नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में दाखिल हुए और सर्जिकल स्ट्राइक की जिसमें तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। सूत्रों के अनुसार सेना ने रावलाकोटे सेक्टर के राखचिकरी में नियंत्रण रेखा के पास सर्जिकल स्ट्राइक की जिसमें तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। गौरतलब है कि रविवार को सेना ने राजौरी जिले में नौशेरा सेक्टर के झांगर क्षेत्र में एक पाकिस्तानी स्नाइपर को मार गिराया था। इससे पहले शनिवार को पाकिस्तान की ओर से की गयी गोलीबारी में सेना के एक मेजर समेत चार जवान शहीद हो गये थे।

जाधव की मां, पत्नी के साथ पाकिस्तान के दुव्र्यवहार पर देश में रोष…

नयी दिल्ली, 26 दिसंबर। पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव से मिलने गई उनकी मां एवं पत्नी को मंगलसूत्र, चूडिय़ां, बिंदी और जूतियां उतारने और पोशाक बदलने पर मजबूर किया गया तथा मुलाकात के बाद जाधव की पत्नी की जूतियां तक वापस नहीं की गयीं जिससे देश भर में पाकिस्तान के इस व्यवहार को लेकर गहरा रोष है। सरकार ने पाकिस्तान के इस कृत्य पर कड़ी नाराजग़ी जताते हुए आज कहा कि ऐसा व्यवहार दोनों देशों के बीच बनी सहमति का उल्लंघन है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी जाधव से मिलने गई उनकी मां एवं पत्नी के साथ पाकिस्तान सरकार के व्यवहार को अमानवीय बताते हुए इसकी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कल हुई इस मुलाकात के बारे में अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में पाकिस्तान सरकार द्वारा अपनाए गए तौर तरीकों एवं माहौल को ‘डरावनाÓ करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत को इस बात का खेद है कि आश्वासनों के विपरीत मुलाकात का माहौल परिवार वालों के लिये डरावना एवं धमकाने वाला था। हालांकि परिवार के सदस्यों ने पूरी स्थिति का बहुत साहस एवं धैर्य से सामना किया। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि पता चला है कि बैठक के दौरान श्री जाधव बहुत तनाव में थे और दमनात्मक वातावरण में बोल रहे थे। बहुत साफ पता चल रहा था कि पाकिस्तान में उनकी कथित गतिविधियों को लेकर उनकी अधिकतर टिप्पणियां पाकिस्तानी पक्ष को साबित करने के उद्देश्य से उनसे जबरन बुलवायीं गयीं थीं। उन्होंने कहा कि जिस ढंग से यह मुलाकात संचालित की गयी, वह साफ तौर पर श्री जाधव की कथित गतिविधियों को लेकर बेबुनियाद एवं झूठे आरोपों को सही साबित करने का प्रयास था और इस पूरी कवायद की कोई विश्वसनीयता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान श्री जाधव जिस प्रकार से दिखाई दिए, उससे उनकी सेहत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। श्री कुमार ने कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान सरकार ने परिवार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं का अपमान किया है और उनके मंगलसूत्र, चूडिय़ां और बिन्दी तक हटाने के साथ-साथ पोशाक भी बदलने को मज़बूर किया जिसकी कोई ज़रूरत नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने मुलाकात के पहले उतरवा दीं गयीं। कमांडर जाधव की पत्नी की जूतियां मुलाकात के बाद वापस नहीं लौटायीं। उन्होंने इस बात को लेकर पड़ोसी देश को आगाह किया कि अगर उसने इस बारे में कोई शरारतपूर्ण हरकत की तो ठीक नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि श्री जाधव की मां को मातृभाषा मराठी में नहीं बोलने दिया गया जो उनके लिए बोलचाल का स्वाभाविक माध्यम है। यही नहीं पूरी मुलाकात में जब भी उन्होंने मराठी में कुछ कहा तो उनके साथ टोकाटाकी की गयी और बाद में उन्हें मराठी बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट सहमति थी कि इस पूरे मसले को मीडिया से दूर रखा जाएगा। लेकिन अनेक बार पाकिस्तानी प्रेस को जाधव परिवार के करीब जाने, उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और श्री जाधव के बारे में झूठे आरोप उछालने दिया गया। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की इमारत में आरंभ में भारतीय उप उच्चायुक्त को जाधव परिवार से अलग कर दिया गया।
उप उच्चायुक्त को बिना बताए दोनों महिलाओं को श्री जाधव मुलाकात के लिये ले जाया गया और मुलाकात उनकी अनुपस्थिति में ही शुरू हो गयी। भारतीय उप उच्चायुक्त द्वारा पाकिस्तानी अधिकारियों पर दबाव डालने के बाद ही उन्हें मुलाकात कक्ष में जाने दिया गया लेकिन उन्हें एक अतिरिक्त कांच की दीवार से बनाए गये हिस्से में ही रहने को बाध्य किया गया और बैठक में शामिल होने से रोक दिया गया।
श्री कुमार ने कहा कि इस मुलाकात के पहले दोनों देशों की सरकार मुलाकात के तौर तरीकों एवं रूपरेखा तय करने के लिये एक दूसरे के राजनयिक संपर्क में थीं। दोनों पक्षों के बीच बहुत स्पष्ट तौर पर सहमतियां बनीं थीं। भारतीय पक्ष ने अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से निर्वाह किया लेकिन पाकिस्तानी पक्ष ने मुलाकात को इस ढंग से संचालित किया कि हमारी सहमति का खुला उल्लंघन हुआ।
उधर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता गौरव गोगोई और खुशबू सुंदर ने यहां पार्टी की एक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं के सवालों पर कहा कि पाकिस्तान सरकार का यह व्यवहार केवल अमानवीय ही नहीं बल्कि भारतीय महिलाओं का अपमान है और कांग्रेस इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि श्री जाधव जल्द से जल्द स्वदेश लौट आएं तथा पाकिस्तान ने भारत को जो आश्वासन दिए हैं वह उनका पालन करे।