नोटबंदी वाले 99 फीसदी नोट आरबीआई में जमा…

नयी दिल्ली, 30 अगस्त। रिजर्व बैंक ने कहा है कि गत 30 जून तक उसके पास नोटबंदी वाले 15.28 लाख करोड़ रुपये के नोट यानी सर्कुलेशन से हटाये गये कुल नोटों का 99 फीसदी हिस्सा जमा हो गया था। केंद्रीय बैंक ने आज जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कालेधन और फर्जी नोटों के सर्कुलेशन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गयी नोटबंदी की घोषणा के बाद से 30 जून 2017 तक उसके पास सर्कुलेशन से हटाये गये 1,000 रुपये और 500 रुपये मूल्य वाले 15.44 लाख करोड़ रुपये के नोटों का 99 फीसदी हिस्सा जमा हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के बाद 1,000 रुपये के लगभग 8.9 करोड़ नोट यानी 8,900 करोड़ रुपये वापस नहीं आये हैं। आरबीआई के मुताबिक 2,000 रुपये के नये नोट का सर्कुलेशन गत मार्च के अंत तक नोटबंदी के दौरान हटाये गये नोटों के कुल मूल्य के 50 फीसदी से थोड़ा अधिक रहा। साल दर साल आधार पर पूरी प्रणाली में नोटों का सर्कुलेशन 20.2 प्रतिशत घटा है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान नये करेंसी नोटों की छपाई में 7,965 करोड़ रुपये खर्च हुए।

नोटबंदी का मकसद पैसा जब्त करना नहीं था- जेटली

नयी दिल्ली, 30 अगस्त। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि नोटबंदी जिस उद्देश्य से लायी गयी थी उसमें सरकार आगे बढ़ रही है और इसका मकसद आम लोगों का धन जब्त करना नहीं था। रिजर्व बैंक की 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट पर श्री जेटली ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य कालेधन को समाप्त करना, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था को लेसकैश बनाना था। इस दिशा में सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। कांग्रेस के रिजर्व बैंक के नोटबंदी के दौरान जमा नोटों के आंकड़ों पर सरकार को घेरने पर श्री जेटली ने कहा कि जो लोग नोटबंदी का अर्थ नहीं समझते वे इस पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जिन्होंने कालाधन के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी वे नोटबंदी को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। नोटबंदी को सरकार जिस उद्देश्य के साथ लायी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका मकसद जम्मू कश्मीर एवं छत्तीसगढ़ में आतंकवादी और नक्सलवादी गतिविधियों पर नकेल कसना था तथा नोटबंदी के बाद इन गतिविधियों में लिप्त तत्वों के पास संसाधनों की कमी होने लगी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुयी है। जीएसटी के लागू होने के बाद सरकार ने राजस्व के जो अनुमान लगाये थे पहले महीने में उससे कहीं ज्यादा प्राप्त होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के लक्ष्य को हासिल करने से इस बात का प्रमाण मिलता है कि लोग अब लेनदेन में पारदर्शिता अधिक अपनाने लगे हैं। श्री जेटली ने कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य जाली मुद्रा को खत्म करना था। सरकार का अगला कदम चुनाव में कालेधन को खत्म करना है।
रिजर्व बैंक ने आज जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि नोटबंदी से पहले 500 और एक हजार रुपये के नोटों की जितनी संख्या प्रचलन में थी उसका 99 प्रतिशत बैंकिंग तंत्र में जमा हो गया है। आंकडों के जारी होने के बाद कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुये कहा था कि रिजर्व बैंक को नोटबंदी की सिफारिश करने के लिए शर्म आनी चाहिए। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने तंज कसते हुये कहा कि जिन अर्थशास्त्रियों ने नोटबंदी की अनुशंसा की उनको ‘ नॉबेल पुरस्कारÓ मिलना चाहिए।

रिजर्व बैंक को नोटबंदी की सिफारिश पर शर्म आनी चाहिए- चिदंबरम

नयी दिल्ली, 30 अगस्त। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने नोटबंदी पर रिजर्व बैंक को घेरते हुये कहा है कि केन्द्रीय बैंक को इसकी ‘सिफारिशÓ करने के लिए शर्म आनी चाहिए, रिजर्व बैंक की आज जारी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद बैंकिंग तंत्र में वापस आये नोटों का आंकड़ा जारी करने पर श्री चिदंबरम ने कई ट्विट कर रिजर्व बैंक को घेरा। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने जो आंकड़े दिये हैं उससे यह झलकता है कि क्या नोटबंदी योजना को कालेधन को सफेद करने के लिए लाया गया था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद केवल 16 हजार करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं आये हैं जबकि 15.44000 करोड़ रुपये बैंकिंग तंत्र वापिस जमा कराये गये। यह राशि उस समय प्रचलन में रहे 500 और एक हजार रुपये के नोटों की कुल राशि का महज एक प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक को नोटबंदी की सिफारिश के लिए शर्म आनी चाहिए। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी से केन्द्रीय बैंक को 16 हजार करोड़ रुपये का ‘लाभÓ हुआ जबकि नये नोटों के मुद्रण पर 21 हजार करोड़ रुपये का ‘नुकसानÓ रहा।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी की सिफारिश करने वाले अर्थशास्त्रियों को नॉबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कुल नोटों का 99 प्रतिशत कानूनी रूप से बदला गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या नोटबंदी की योजना का डिजाइन इस तरीके से तैयार किया गया था कि कालेधन को सफेद धन में बदला जाये।

सेना में सुधारों को मंजूरी,लड़ाकू क्षमता बढ़ाने पर जोर…

नयी दिल्ली, 30 अगस्त। सरकार ने सेना की कार्य प्रणाली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन बनाने के उद्देश्य से आजादी के बाद का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए गैर जरूरी विभागों को बंद करने तथा कुछ को आपस में मिलाने का निर्णय लिया है। सेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 60 हजार अधिकारियों और जवानों को जरूरत के हिसाब से लड़ाकू भूमिका में तैनात किया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सेना की कार्य प्रणाली में सुधारों तथा खर्च में संतुलन के बारे में सुझाव देने वाली समिति की 65 सिफारिशों को मंजूरी दी गयी। बैठक के बाद रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि सेवा निवृत लेफ्टिनेंट जनरल डी बी शेतकर की अध्यक्षता में गत वर्ष मई में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने गत दिसम्बर में अपनी रिपोर्ट में 99 सिफारिशें की थी जिसमें से 65 सिफारिशों को रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि ये सिफारिशें चरणबद्ध तरीके से लागू की जायेंगी और वर्ष 2019 के अंत तक ये पूरी तरह लागू हो जायेंगी। इनके लागू होने के मद्देनजर 57 हजार अधिकारियों और जवानों को लड़ाकू भूमिका और संचालन तथा अन्य कामों में तैनात किया जा सकेगा। कुछ विभागों से जुड़े सिविल कर्मचारियों को दक्षता बढ़ाने के लिए सशस्त्र सेनाओं की अन्य शाखाओंं में भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने सेना तथा अन्य संबंधित पक्षों से इस रिपोर्ट और उसके परिणामों के बारे में विस्तार से चर्चा की है। सिफारिशों में सबसे बड़ा फैसला सैन्य डाक घरों और सैन्य फार्मों को बंद करने के बारे में लिया गया है। अभी सेना के 39 सैन्य फार्म हैं जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से बंद किया जायेगा।
श्री जेटली ने कहा कि पहले चरण के सुधारों के तहत सिग्नल प्रतिष्ठानों का पूरी क्षमता से इस्तेमाल किया जायेगा । इनमें रेडियो मॉनिटरिंग कंपनी, कोर एयर स्पोर्ट सिग्नल रेजिमेंट , एयर फोर्मेशन सिग्नल रेजिमेंट, कंपोजिट सिग्नल रेजिमेंट हैं । इसके साथ ही कोर आपरेटिंग तथा इंजीनयरिंग सिग्नल रेजिमेंट का विलय भी किया जायेगा। सेना के रिपेयर डिपो का पुनर्गठन किया जायेगा और इनमें बेस वर्कशॉप, एडवांस बेस वर्कशाप तथा फील्ड की वर्कशाम को शामिल किया जायेगा। इसी तरह आर्डिनेन्स विभागों में वाहन डिपो, आर्डिनेन्स डिपो , केन्द्रीय आर्डिनेन्स डिपो को जोडा जायेगा।
इसके साथ ही सेना में क्लर्क स्टाफ और ड्राइवरों की भर्ती के मानदंडों को थोडा सख्त किया जायेगा। राष्ट्रीय कैडेट कोर की दक्षता में सुधार किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में एकीकृत कमांडरों के सम्मेलन में कहा था कि दुनिया की बडी शक्तियां अपनी सेना को संख्या बल में कम कर , प्रौद्योगिकी पर ज्यादा जोर दे रही हैं हम अभी भी अपनी सेना का आकार बढाने में लगे हैं। सेना का एकसाथ विस्तार और आधुनिकीकरण कठिन तथा गैर जरूरी लक्ष्य है।
जनरल वी पी मलिक ने 1990 के दशक में सेना प्रमुख रहते हुए कहा था कि वह 50 हजार सैनिकों की कमी कर सकते हैं बशर्ते कि इससे होने वाली बचत सेना को पूंजीगत व्यय के लिए मुहैया करायी जाये। भारतीय सेना दुनिया की तीसरी बडी सेना है और उसमें लगभग 12 लाख सैनिक हैं ।

खट्टर ने शाह को सौंपी रिपोर्ट, इस्तीफे से किया इन्कार…

नयी दिल्ली, 30 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरमीत राम रहीम प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से सही समय पर उचित कदम उठाये जाने का आज दावा किया और कहा कि राज्य में स्थिति अब पूरी तरह से सामान्य, शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। श्री खट्टर ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में विपक्ष की उनके इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सही समय पर उचित कदम उठाये हैं और अब सब चीजें ठीक हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से भाजपा अध्यक्ष को सभी संबंधित घटनाक्रमों पर रिपोर्ट से अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण में राज्य सरकार ने बड़े धैर्य और संयम के साथ काम किया तथा अदालत के हर आदेश का पालन किया। राज्य में अब स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये सभी आवश्यक इंतज़ाम किये हुए हैं। गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाये जाने के बाद भड़की हिंसा में 38 लोगों के मारे जाने के मद्देनजर विपक्ष की उनके इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि राज्य में सब कुछ ठीक है और इस्तीफा मांगने वाले इस तरह की मांग करते रहते हैं। पंचकूला की केन्द्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत में राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में डेरा समर्थकों ने हिंसा और आगजनी की थी जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ गयी थी।

कोर्ट से फरार होने की फिराक में था राम रहीम!…

चंडीगढ़/जीन्द, 30 अगस्त। हरियाणा सरकार की राम रहीम के प्रति मेहरबानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 25 अगस्त की हिंसा के बाद पुलिस तथा सरकार को ऐसे कई सबूत मिल चुके हैं जिसमें यह साफ हो रहा है कि राम रहीम न केवल पंचकूला में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी करके आया था बल्कि उसने अदालत से भागने का भी प्रयास किया था। पंचकूला हिंसा के बाद हरियाणा पुलिस द्वारा इस मामले में लगातार जांच की जा रही है। जांच के आधार पर हरियाणा पुलिस के आला अधिकारी लगातार कई बड़े खुलासे कर रहे हैं। डेरा मुखी के एक सुरक्षा कर्मी द्वारा आईजी स्तर के एक अधिकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारने तथा एक अन्य सुरक्षा कर्मी द्वारा कोर्ट रूम के भीतर गोली चलाए जाने की घटना के बाद पुलिस ने न केवल राम रहीम की गाडिय़ों से कई हथियार बरामद किए बल्कि कई तरह के आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए। अब इस मामले में पुलिस ने नया खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम ने दो बार कोर्ट रूम से भागने का प्रयास किया। इसके लिए वह पहले से ही तैयारी करके आया था। हरियाणा के आईजी सीआईडी के.के.राव के अनुसार डेरा मुखी ने अदालत का फैसला आने के बाद लाल रंगी की दो अटैची मंगवाई। यह उसका एक कोड था। यह पहले से तय किया गया था कि अदालत का फैसला आने के बाद अगर लाल रंग की अटैची मंगवाई जाती है तो यह संकेत होगा कि सजा हो चुकी है। इसके बाद बाहर खड़े अनुयायी तय योजना के तहत हंगामा शुरू कर देंगे।
आईजी सीआईडी ने कहा कि राम रहीम ने जैसे ही अटैची कोर्ट रूम में मंगवाई वैसे ही बाहर हंगामा शुरू हो गया। आई जी के.के.राव वह अधिकारी हैं जिनकी जिम्मेदारी राम रहीम को सेना के हैलीकाप्टर तक पहुंचाने की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट रूम के बाहर खड़े बाबा के अनुयायियों ने जब हंगामा शुरू किया तो उनके लिए बाबा को सेना की पश्चिमी कमान तक पहुंचाने में बड़ी चुनौती थी। इस बीच कोर्ट रूम के भीतर से बाहर खड़ी गाड़ी तक आते-आते राम रहीम के अनुयायियों ने उन्हें वहां से भगाने का भी प्रयास किया।
दिलचस्प बात यह है कि आईजी सीआईडी द्वारा मीडिया से बातचीत में आज फिर से यह खुलासा किया गया कि राम रहीम पंचकूला में हुई हिंसा की साजिश में शामिल था। इसके बावजूद अभी तक पुलिस द्वारा राम रहीम के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।

 

बिजनौर जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं देख नाराज हुए डीएम…

अधिकारियों को फटकार लगाई, महिलाओं ने की रात को डिलीवरी न कराने की शिकायत

बिजनौर। जिलाधिकारी श्री जगतराज ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अव्यवस्थाएं व गंदगी देखकर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। डीएम के निरीक्षण से अस्पताल स्टाफ में हड़कम्प मचा रहा।
बुधवार को जिलाधिकारी जगतराज निरीक्षण के लिए सबसे पहले महिला अस्पताल पहुंचे और डाक्टरों व अन्य स्टाफ का उपस्थिति रजिस्टर चैक किया। रजिस्टर में चार डाक्टरों को गैरहाजिर देखकर डीएम ने जवाब तलब किया तो प्रभारी सीएमएस ने बताया कि शिफ्टवार ड्यूटी होने की वजह से चार डाक्टरों के हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसके बाद डीएम ने डाक्टरों की ड्यूटी के आगे उनकी शिफ्ट व समय अंकित करने के निर्देश दिए जिससे पता चल सके कि किस डाक्टर का ड्यूटी समय क्या है। निरीक्षण के दौरान महिला अस्पताल के टायलेट में टूटी हुई शीट देखकर स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और तुरन्त शीट लगाने के निर्देश दिए। एक महिला ने शिकायत करते हुए डीएम से बताया कि रात के समय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की आपे्रशन से डिलीवरी नहीं की जाती। उन्हें सर्जन न होने का बहाना बनाकर प्राइवेट अस्पतालों में जाने को कहा जाता है। इसके बाद डीएम पुरुष अस्पताल पहुंचे और डाक्टरों के कक्ष, दवाई वितरण कक्ष, एक्सरे विभाग व मरीजों के वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से मिलने वाले उपचार व सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी और गंदगी व अन्य अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस डा. राकेश दूबे को सुधार करने के निर्देश दिए।

बिजनौर में अन्तर्राज्यीय डे-नाइट बॉलीवाल टूर्नामेंट का आयोजन…

सदर विधायक सुचि चौधरी ने किया उद्घाटन , कई प्रांतों की नामचीन टीमें भाग ले रही हैं

बिजनौर। जिला कृषि, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के अंतर्गत बुधवार को बिजनौर क्लब परिसर में बिजनौर टाइम्स समूह के संस्थापक स्वर्गीय बाबूसिंह चौहान एवं डीएसएम धामपुर के सीईओ श्री संदीप शर्मा के पूज्य पिताजी स्वर्गीय ब्रजेश्वर स्वरूप शर्मा की स्मृति में अंतर्राज्यीय डे-नाइट बॉलीवाल टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ।


मुख्य अतिथि सदर विधायक श्रीमती सुचि मौसम चौधरी ने नेट में बंधी बॉलीवाल का फीता काटकर तथा उद्घाटन मैच खेलने वाली बिजनौर स्टेडियम व रामपुर की टीमों के खिलाडिय़ों का परिचय प्राप्त कर किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोजकों एवं खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए खेलों को जीवन का अभिन्न बताया।
उद्घाटन मैच बेहद रोमांचक रहा। तत्पश्चात दूसरा मैच मुजफ्फरनगर एवं मुरादाबाद की टीमों के बीच खेला गया। विशिष्ट अतिथि श्री भाग सिंह जनरल मैनेजर एक्युरेट फूड्स एण्ड बे्रवरेज प्रा. लि., युवा व्यवसायी एवं व्यापारी नेता श्री सुमित सिंघल व श्री अचल अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री नीरज चौधरी ने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट के द्वितीय मैच का शुभारंभ किया। वरिष्ठ बॉलीवाल प्लेयर जयनारायण अरुण, भाईजी व मो. असलम, सी.डी. शर्मा, सुबोध शर्मा, सुशील कर्णवाल, सतीश चंद त्यागी, अचल महर्षि, बिजेंद्र पाल सिंह, जितेंद्र राणा, सूर्यमणि रघुवंशी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
टूर्नामेंट के संयोजक ओमवीर राणा व बॉलीवाल कोच अजीत तोमर ने अतिथियों का बैज लगाकर तथा माल्र्यापण कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन एवं मैच कमेंट्री जबर सिंह तथा राजेंद्र सोलंकी ने की। टूर्नामेंट को देखने के लिए भारी संख्या में बॉलीवाल प्रेमी पहुंचे। टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश की अनेक टीमों के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब व उत्तराखंड की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट का समापन कल (आज) होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि धामपुर शुगर मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकरी (सीईओ) श्री संदीप शर्मा होंगे।

 

 

उ.प्र. में अब नहीं होंगे इन्टरव्यू…

  • बिजली विभाग में सातवां वेतन आयोग लागू

  • 400 करोड़ का पड़ेगा बोझ

लखनऊ, 29 अगस्त। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में समूह (ख) के अराजपत्रित, समूह (ग) और (घ) की भर्तियों में इन्टरव्यू को खत्म करने का निर्णय ले लिया। मंत्रिमण्डल के एक अन्य फैसले के अनुसार ऊर्जा विभाग में सातवां वेतन आयोग लागू होगा। इससे सरकारी खजाने पर करीब 400 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। मंत्रिमण्डल के निर्णय के मुताबिक यह फैसला पहले से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं पर लागू नहीं होगा लेकिन अब शुरू होने वाली भर्तियों में इन्टरव्यू की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी। केंद्र सरकार की तर्ज पर यूपी सरकार ने भी समूह- ख, ग और घ कर्मचारियों की भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म करने का फैसला किया है। अब समूह-ख श्रेणी के अराजपत्रित कर्मचारियों, समूह-ग और घ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती पूरी तरह लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगा दी गई।सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के समय कहा था कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार मिटाने और पारदर्शिता लाने के लिए कर्मचारियों की भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म कर दी है। उनके इस फैसले का व्यापक स्वागत हुआ था। 29 दिसम्बर 2015 को केंद्र सरकार ने यह फैसला किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था नियमावली जारी होने की तारीख से लागू की जाएगी। नियमावली जारी होने की तारीख को या उसके बाद जारी होने वाले विज्ञापनों के पदों पर भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार की जाएगी। नियमावली जारी होने से पहले जारी विज्ञापनों के तहत जो भर्ती प्रक्रिया पहले से तय है, उसी आधार पर भर्ती की जाएगी। इससे भर्ती में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होगा। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने समूह ख के अराजपत्रित तथा समूह ग व घ के सभी पदों पर इंटरव्यू खत्म करने का प्रस्ताव तैयार कर वित्त व न्याय विभाग की राय ली। इनकी सहमति मिलने के बाद प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा गया था। इससे भर्तियों से इंटरव्यू के नाम पर की जाने वाली मनमानी पर रोक लग सकेगा।मंत्रिमण्डल में लिए गये निर्णयों की जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताय कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले एक लाख घरों के लिए हुडको से एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया जायेगा। यह ऋण आठ दशमलव पचहत्तर फीसदी ब्याज पर हुडको देगा।
इसके साथ ही गाजियाबाद में करीब 43 करोड़ की लागत से कैलास मानसरोवर भवन का निर्माण किया जायेगा।
श्री शर्मा ने बताया कि अलीगढ़ का सीमा विस्तार करते हुए उसमें 19 गांव और शामिल किये गये हैं। इसके साथ ही कौशाम्बी के नगर पंचायत भरवारी के सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल ने मोहर लगा दी। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद की तर्ज पर प्रदेश में धान की भी खरीद होगी। धान खरीद के लिए तीन हजार क्रय केन्द्र खोले जायेंगे। किसानों का भुगतान 72 घण्टे के अन्दर करवा दिया जायेगा।
राईस मिल वालों को धान मिलने के एक माह में चावल एफसीआई को देने पर दस रुपये प्रति कुन्तल अतिरिक्त दिया जायेगा। इसके साथ ही धान खरीद का पूरा विवरण किसानों को मोबाइल पर मिलेगा। उनका कहना था कि इस बार 50 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। खरीद 25 सितम्बर से 28 फरवरी तक होगी।

 

 

मुंबई मूसलाधार बारिश से बेहाल…

मुंबई, 29 अगस्त। पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने से मुंबई बेहाल है। मुंबई में मंगलवार को 9 घंटे में 298 मिलीमीटर बारिश हुई। यानी करीब 30 सेंटीमीटर या तकरीबन 12 इंच। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। इसका असर ट्रेन और रोड यातायात पर पड़ा। कई इलाकों में लोकल ट्रेन नहीं चलीं। लो विजिबिलिटी की वजह से छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन को कुछ वक्त के लिए रोकना पड़ा। मुंबई में लगातार बिना रुके तूफान के साथ हो रही मूसलाधार बारिश से सिर्फ जनता ही नहीं अस्पताल और लालबाग के राजा भी प्रभावित हुए हैं, मुंबई के प्रसिद्ध गणपति लालबाग के राजा का दर्शन बारिश के कारण आज बंद कर दिया गया है और यह पहली बार है, जब लाल बाग के राजा के दर्शन को बंद किया गया है। केईएम अस्पताल के समीप अत्यधिक पानी भर जाने के कारण तल मंजिल के लगभग 30 मरीजों को पहली मंजिल में भेजा गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने भीषण बारिश को देखते हुए आज छुट्टी घोषित कर दी है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस मुबई महानगर पालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में पहुंच कर बारिश की जानकारी ली। महानगर पालिका ने सतर्कता जारी की है और लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार ने मुंबई से सटे रायगढ़ जिला के लोगों को भी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि नदी के किनारे रहने वाले सतर्क रहें क्योंकि नदी में भी जल स्तर बढ़ सकता है। मुंबई की जीवन रेखा लोकल ट्रेन (हार्बर लाइन, पश्चिम और मध्य रेलवे) की सेवा पूरी तरह ठप हो गयी है। ट्रेन के अलावा सडक मार्गों में भी पानी भर गया है और सड़कों पर वाहन भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा विमान यातायात भी प्रभावित हुआ है। ज्वार के कारण समुद्र में आज शाम लगभग 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना है और यदि इसी तरह बारिश जारी रहती है तो मुंबई की समस्या और बढु सकती है क्योंकि समुद्र में ज्वार के कारण मुंबई के बारिश का पानी समुद्र में जा नहीं सकेगा और पानी के नहीं निकलने के कारण जल जमाव बढ़ जायेगा। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के कारण हालात और भी गंभीर हो सकता है इसलिए घर से बाहर नहीं निकलें और यदि कोई भी व्यक्ति कहीं फंस गया है और उसे मदद की जरूरत है तो फोन करें पुलिस आपकी मदद के लिए पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि आप रास्ते में हैं और पानी अत्यधिक भर गया है तो कार से नीचे उतर जायें अन्यथा अधिक पानी होने के कारण कार का दरवाजा नहीं खुलने पर परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार आज की बारिश 26 जुलाई 2005 से भी अधिक तेज है और यह बारिश लगातार जारी रह सकती है। निचले इलाकों में बारिश का पानी बढऩे के कारण कुछ घरों में पानी घुस गया और लोग अपना सामान खाट के ऊपर रख रहे हैं ताकि सामान खराब नहीं हो। मध्य मुंबई के लोअर परेल और एलफिंस्टन में हालात अधिक खराब हैं। मुंबई में 10 दिवसीय गणेशोत्सव चल रहा है और पांचवे दिन कुछ लोग गणेश विसर्जन करेंगे लेकिन तेज बारिश और समुद्र में ज्वार के कारण विसर्जन में भी समस्या हो सकती है।