हनीप्रीत छह दिन की पुलिस रिमांड पर…

पंचकूला, 04 अक्टूबर। हरियाणा में पंचकूला की एक अदालत ने यौन शोषण मामलों में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की दत्तक पुत्री हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा को आज छह दिन के पुलिस हिरासत मेें भेज दिया, पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच हनीप्रीत को अदालत में पेश किया तथा पूछताछ के लिए 14 दिन की पुलिस हिरासत मांगी जिसका बचाव पक्ष वकील ने यह दलील देते हुये विरोध किया कि उसके मुवक्किल के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता तथा वह अवसाद में है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हनीप्रीत को छह दिन के पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिया। पुलिस ने हनीप्रीत की पेशी को लेकर अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्रों तथा सम्पर्क मार्गों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये थे। यहां तक कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी अदालत परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंधित कर गया था। किसी को भी पहचान पत्र दिखाये बगैर अदालत में प्रवेश नहीं करने दिया गया। हनीप्रीत को 39 दिन की लुका छिपी के बाद हरियाणा विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कल पंजाब के जीरकपुर क्षेत्र से बठिंडा निवासी सुखदीप कौर के साथ गिरफ्तार किया था। हनीप्रीत की गिरफ्तारी निजी चैनलों से उसके बातचीत करने के तत्काल बाद हुई। एसआईटी हनीप्रीत को लेकर पंचकूला के चंडीमंदिर थाना आया जहां पुलिस महानिरीक्षक(अपराध) ममता सिंह ने उससे रात भर पूछताछ की। देर रात हनीप्रीत के छाती में दर्द और माइग्रेन दर्द की शिकायत किये जाने पर तड़के दो बजे उसे सिविल अस्पताल में उपचार कराया गया जहां डाक्टरों के उसे स्वस्थ करार दिया। इसके बाद पुलिस पूछताछ का सिलसिला फिर से शुरू हो गया। हनीप्रीत पर राष्ट्रद्रोह तथा हिंसा भड़काने के मामले दर्ज हैं। हालांकि उसने निजी चैनलों से बातचीत में देश की न्यायिक प्रणाली में विश्वास जताते हुये खुद को तथा ‘पापाÓ यानि डेरा प्रमुख को निर्दोष बताया था।
हनीप्रीत ने अपने और डेरा प्रमुख के बीच सम्बंधों को भी ‘बाप-बेटीÓ के सम्बंधों की तरह पाक साफ बताया था।
गौरतलब है कि डेरा प्रमुख को गत 25 अगस्त को यौन शोषण मामलों में अदालत के दोषी करार देने के बाद गिरफ्तार कर हैलीकाप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल ले जाया गया था। उस समय तक हनीप्रीत भी उसके साथ थी। डेरा प्रमुख ने पुलिस से हनीप्रीत को जेल में उसके साथ ही रहने का अनुरोध किया था जिले जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद हनीप्रीत अचानक लापता हो गई थी। उसके देश से बाहर भाग जाने के कयास लगाये जा रहे थे। खुफिया एजेंसियों के अलावा हरियाणा सहित अनेक राज्यों की पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी।
हनीप्रीत ने गिरफ्तारी से पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर राहत हासिल करने का प्रयास किया था लेकिन अदालत ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुये उसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय जाने की सलाह दी थी।
डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद पंचकूला और सिरसा में डेरा समर्थकों की बड़े पैमाने पर हिंसा, आगजनी और पुलिस गोलीबारी की घटनाओं में 40 लोग मारे गये थे तथा 250 से अधिक ज्यादा घायल हो गये थे और अनेक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया था।
पुलिस ने हिंसा की घटनाओं तथा डेरा प्रमुख को अदालत से फरार कराने की साजिश में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज कर लुकआउस नोटिस जारी किया था। हनीप्रीत का नाम ऐसे मामलों में शामिल रहे 43 बांछित लोगों की पुलिस द्वारा जारी सूची में शीर्ष पर था।

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