दरोगा मर्डर केस:- बिजनौर पुलिस कातिलों से कोसों दूर…

नांगल सोती।
दरोगा हत्याकाण्ड में हर रोज एक नई कहानी सामने आ रही है, मगर हकीकत ये है कि पुलिस कातिलों से कोसों दूर है। हो सकता है कि पुलिस अपनी नाकामी छुपाने को ही हर रोज नई कहानी गढ़ रही हो। यकीन नहीं आता कि अपने ही ऑन ड्यूटी दरोगा की निर्मम हत्या करने वाले कातिलों को पुलिस के सारे आला अधिकारी मिलकर भी नहीं तलाश पा रहे हैं।
दरोगा सहजोर सिंह मलिक की निर्मम हत्या गत 30 जून को सरेशाम तैनाती क्षेत्र बालावाली में पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर कर दी गई थी। दरोगा के गले, गर्दन, सीने, पेट व पीठ पर धारदार हथियार से 24 वार किए गए थे। दरोगा के हत्यारों को कानून के फंदे से बचते-बचते 14 दिन बीत गए हैं। पुलिस की विवेचना में हर रोज एक नई कहानी सामने आ रही है। पुलिस कभी खनन माफियाओं पर शक जताती है, कभी शराब माफियाओं पर कभी चप्पल वाले पर, कभी गुण्डे-बदमाशों पर, तो कभी किसी पर। पुलिस दरोगा हत्याकाण्ड में लकीर पीटती नजर आ रही है। पुलिस की सभी कहानियां बेदम साबित हो रही हैं। हो सकता है कि पुलिस अपनी नाकामी छुपाने को ही हर रोज नई-नई कहानियां गढ़ रही हो। पुलिस दरोगा के पिस्टल को भी आज तक नहीं खोज पाई है। इस प्रकरण में सीओ सिटी का हटाया जा चुका है, मण्डावर के इंस्पेक्टर व बालावाली चौकी के तीनों सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है। इस प्रकरण् में बिजनौर पुलिस की काफी फजीहत हो रही है। हर रोज नई कहानी गढऩे वाली बिजनौर पुलिस पता नहीं किस दिन दरोगा के हत्यारों तक पहुंच पाएगी। फिलहाल पुलिस के पास कोई दमदार क्लू नहीं है।

अंधेरे में तुक्के मार रही है पुलिस

नांगल सोती। दरोगा हत्याकाण्ड में शुक्रवार की शाम तक भी पुलिस के हाथ एक दम खाली थे, इससे आशंका पैदा हो रही कि कहीं दरोगा हत्याकाण्ड ठण्डे बस्ते में तो नहीं जा रहा है। ऑन ड्यूटी दरोगा की निर्मम हत्या की खबर जिले में ही नहीं प्रदेश भर में जंगल में आग की तरह फैली थी। पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया था। तब पुलिस अधिकारियों ने दावे किए थे कि बहुत जल्द दरोगा के हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे। मगर हत्याकाण्ड को 14 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अंधेरे में तुक्के के तीर मार रही है। इससे यह आशंका भी पैदा होने लगी है कि कहीं दरोगा हत्याकाण्ड ठण्डे बस्ते में में तो नहीं जा रह है। पुलिस हत्यारों के साथ-साथ दरोगा के सर्विस रिवाल्वर को तलाश पाने में भी नाकाम है। पुलिस आज तक दरोगा हत्याकाण्ड को सुलझाने के लिए कोई एक लाइन भी तय नहीं कर पाई है।

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