डेरा प्रमुख राम रहीम सिंह को आज सुनाई जायेगी सजा…

हरियाणा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध

चंडीगढ़, 27 अगस्त। साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को  सजा सुनाये जाने के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं। सिरसा से रोहतक तक राजमार्ग को सील कर दिया गया है। रोहतक शहर की सुरक्षा में अर्द्ध सैनिक बलों की 10 कंपनियां लगायी गयी हैं। आसपास के जिलों की पुलिस की भी मदद ली जायेगी। छह कंपनियां नाकों तथा चार को रिजर्व रखा गया है। जिले में निषेधाज्ञा जारी है। देश के ताकतवर लोगों में शुमार डेरा प्रमुख को दोषी करार देने वाले सीबीआई के विशेष जज जगदीप सिंह को विमान से रोहतक भेजा जायेगा जहां वह सजा सुनायेंगे। जज की सुरक्षा के साथ-साथ जेल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। उन्हें कड़ी सुरक्षा में जेल ले जाया जायेगा। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिये शहर मेंं सेना बुलायी गई है तथा दंगा फैलाने की कोशिश करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिये गये हैं। रोहतक जिला तथा पुलिस प्रशासन ने कल के लिये विशेष तैयार की है। जेल की ओर आने जाने वाले सभी रास्तोंं को सील कर दिया गया है। उधर राज्य के मुख्यसचिव छी एस ढेसी ने कहा है कि पूरे राज्य में पिछले चौबीस घंटों से माहौल शांत है तथा कहीं किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है। डेरों की तलाशी ली जा रही तथा नामचर्चा घरों को सील कर दिया गया है । नामचर्चा घरों से आपत्तिजनक सामान तथा नुकीले हथियार और लाठी-डंडे बरामद किये हैं।
उन्होंने कहा कि डेरे में करीब तीन से चार हजार अनुयायी मौजूद हैं तथा वे भी भय के कारण अपने घरों को लौट रहे हैं। सुनारिया जेल की सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। हिंसा के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी ।
उधर हरियाणा तथा पंजाब में रेल सेवा तथा पंजाब में बस सेवा बहाल कर दी गई है लेकिन इंटरनेट सेवा मंगलवार तक बहाल की जायेंगी। हिंसा में मारे गये 31 लोगों में 13 की अब तक पहचान हो गयी है ।
पंचकूला पुलिस ने इसी दौरान एक बड़ा खुलासा किया है जिसनेे सभी को हैरत में डाल दिया । हिंसा वाले दिन गत 25 अगस्त को डेरा प्रमुख के साथ आये सैकड़ों कारोंं के काफिले में शामिल कई दमकल गाडिय़ों में ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था और कई गाडियों में हथियार थे। यदि ये काफिला सीबीआई कोर्ट तक पहुंच जाता तो भारी तबाही होती।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हिंसा प्रभावित चार जिलों का आज दौरा किया और कहा कि पंजाब में माहौल शांत है तथा कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई । समय पर कदम उठाने के कारण हिंसा को फैलने नहीं दिया गया ।
उन्होंने हरियाणा में हिंसा के लिये मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जिम्मेदार बताते हुये कहा कि सरकार की कमी के कारण ही हिंसा भड़की जिसमें जानमाल का भारी नुकसान हुआ। जब उच्च न्यायालय ने पहले ही चेता दिया था तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई तथा पंचकूला में इतनी बड़ी तादाद में डेरा समर्थकों को घुसने ही क्यों दिया। उन्हें सीएम पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें हटाने के बारे में कोई फैसला भाजपा आलाकमान को लेना है। वह अक्षम सीएम हैं जिसका खामियाजा पंजाब को भी भुगतना पड़ा।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशानुसार हिंसा के दौरान जानमाल, तोडफ़ोड़ और आगजनी से हुये नुकसान की जानकारी पंजाब तथा हरियाणा से मांगी है ताकि डेरा की संपत्ति से उसकी भरपायी की जा सके। पंजाब की सरकारी बसें फूंके जाने के मामले का आकलन किया जा रहा है । डेरा की सारी संपत्ति, आय के साधन तथा बैंक खातों की जानकारी भी न्यायालय को दी जायेगी ।
उच्च न्यायालय के अनुसार अगले आदेश तक डेरे की कोई संपत्ति न तो बेची जा सकती और न ही ट्रांसफर व गिफ्ट की जा सकती। पंचकूला में डेरा समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने डेरा समर्थकों से ए के 47, चार माउजर, दो पिस्तौल, पैट्रोल बम सहित आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है । पुलिस की जांच तथा तलाशी जारी है। पंचकूला में कर्फ्यू में ढील दी गई है तथा जल्द हटा दिया जायेगा ।

हरियाणा और पंजाब में सेना की 28 टुकड़ी तैनात

नयी दिल्ली, 27 अगस्त। बलात्कार के दोषी पाये गये डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों द्वारा की गयी हिंसा के मद्देनजर हरियाणा और पंजाब में डेरा के प्रभाव वाले इलाकों में हालात पर काबू पाने के लिए सेना की 4 और टुकडिय़ां तैनात की गयी हैं । सेना की 24 टुकडिय़ां पहले से ही तैनात थी। सेना के अनुसार हरियाणा के पंचकूला और सिरसा में उसकी 12-12 तथा पंजाब के मानसा और मुक्तसर में दो – दो टुकडिय़ां तैनात की गयी हैं। अभी तक सेना ने डेरा मुख्यालय में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को शुक्रवार को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार देते हुए कहा था कि उनकी सजा पर 28 अगस्त को फैसला सुनाया जायेगा। राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल में बंद किया गया है। फैसला आने के बाद राम रहीम के समर्थकों ने पंचकूला और सिरसा में विशेष रूप से सड़कों पर जमकर उत्पात किया और हिंसा तथा आगजनी की।

इस दौरान 35 से अधिक लोगों की मौत हो गयी तथा सैकड़ों लोग घायल हो गये।
उग्र भीड़ ने कई इमारतों तथा वाहनों को आग के हवाले कर दिया जिसके बाद कई क्षेत्रों में करफ्यू लगा दिया गया और सेना तैनात कर दी गयी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कानून व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने तथा हिंसा की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के दृष्टिगत सीबीआई की पंचकूला अदालत को एक दिन के लिये सुनारिया जेल स्थानांतरित करने के आदेश दिये हैं जिसके तहत अब जेल में ही अस्थायी अदालत बनाई गई है और वहीं डेरा प्रमुख को सजा सुनायी जायेगी। डेरा समर्थकों के खिलाफ की गयी कार्रवाई में अब तक 500 से अधिक समर्थकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिला प्रशासन ने रोहतक की सभी सीमाओं के साथ ही सिरसा-रोहतक और हिसार-रोहतक राजमार्गों को पूरी तरह से सील कर दिया है। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर इन पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती और नाके बढ़ा दिये हैं। रोहतक जिला प्रशासन ने पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने, सभा या रैली करने तथा लाठी, डंडा, तेज धारदार हथियार और अग्नेय अस्त्र लेकर चलने पर पाबंदी रहेगी।

सिरसा से डेरा समर्थकों का पलायन जारी

सिरसा, 27 अगस्त। साध्वी यौन शोषण में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सोमवार को सजा सुनाए जाने से एक दिन पूर्व आज हरियाणा के सिरसा में पांच घंटे की ढील देने के बाद फिर से कफ्र्यू लगाया गया और तनावपूर्ण शांति के बीच डेरा समर्थकों का पलायन जारी रहा। सूत्रों ने बताया कि सिरसा की राजस्थान व पंजाब को जोडने वाली सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सेना, अद्र्धसैनिक बल व हरियाणा पुलिस के नौजवानों ने सिरसा नगर के साथ-साथ निकटवर्ती गावों मेें कड़ा पहरा दिया हुआ है। डेरा को इंटरनेट सेवा के अलावा बिजली व पेयजल सेवा से वंचित कर दिया गया है। डेरा सच्चा सौदा से जुड़े सच कहूं समाचार पत्र का प्रकाशन भी रोक दिया गया है। प्रबधंक मंडल के अग्रिम पंक्ति के लोग भूमिगत हो गए हैं। डेरा प्रमुख के परिवार के कुछ सदस्य अब भी डेरा परिसर मेंं बने महलों में हैं। सिरसा के उपायुक्त प्रभजोत सिंह और पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने बताया कि सिरसा में हालात तनावमय मगर काबू में है।
अब तक जिले में हुई हिंसक झड़पों में छह डेरा अनुयायियों की मौत हो चुकी है वहीं चार पुलिसकर्मियों समेत 32 लोग घायल हैं। आज सेना के जवान पुराना डेरा व नया डेरा के बीच फलैग मार्च करते रहे। प्रशासन की ओर से बार-बार लाऊडस्पीकर से डेरा में मौजूद लोगों से अपने घरों को चले जाने का आग्रह किया गया। पिछले तीन रोज से डेरा समर्थकों का डेरा से पलायन जारी है। डेरा से निकल रहे डेरा समर्थकों को अपने गन्तव्य तक पहुंचाने के लिए हरियाणा रोड़वेज की बीस बसों को सिरसा से नाथूसरी चोपटा कस्बे तक नि:शुल्क चलाया गया है।
मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी अमरजीत सिंह, हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ ढिल्लों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सिरसा में सारी स्थिति पर नजरी रखकर राज्य और केंद्र सरकार को पल-पल की घटना से अवगत करवा रहे हैं।
वहीं केंद्र व राज्य सरकार की खुफिया एजेंसियां भी डेरा तथा कानून और व्यवस्था की हर रिपोर्ट पर पैनी नजर रखे हुए है। आज सुबह कर्फ्यू में ढील के दौरान एक टी वी चैनल के कैमरामेन को डेरा समर्थकों द्वारा चोटिल कर देने को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए मीडिया को आज दिनभर एक दायरे में रखा।

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