ट्रेन हादसा: रेलवे के 8 अधिकारियों पर गिरी गाज…

नयी दिल्ली, 20 अगस्त। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खतौली में कल शाम 18477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस की दुर्घटना पर रेल मंत्रालय ने अपने आठ अधिकारियों के विरुद्ध अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई की है।
रेलवे बोर्ड में सदस्य (इंजीनियरिंग), उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और दिल्ली के मंडल रेल प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से छुट्टी पर भेज दिया गया है। रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के मुख्य ट्रैक इंजीनियर का तबादला करने के साथ-साथ वरिष्ठ मंडल अभियंता सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे मामले में जेई और एई स्तर के चार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम भीषण हादसे का शिकार हो गई थी। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है जबकि करीब 95 यात्री घायल हुए हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर रविवार शाम तक हादसे की जबावदेही तय करने के निर्देश दिए थे। मुजफ्फरनगर के खतौली में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना के संबंध में खतौली जीआरपी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी।मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी जी एस प्रियदर्शी के मुताबिक गाजियाबाद के एक अस्पताल में सुशील कुमार नाम के एक आदमी की रविवार को मौत के साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद ने नयी दिल्ली में कहा कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि पटरियों पर मरम्मत का काम चल रहा था जो रेलगाड़ी के डिब्बों के पटरी से उतरने का कारण हो सकता है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पटरियों के पास मरम्मत के सामान देखे हैं। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि पटरी से उतरे 13 कोच एक-दूसरे पर जा चढ़े। यहां तक कि एक पास के मकान में और दूसरा कॉलेज में जा घुसा। दिल्ली डिवीजन के डीआरएम आर एन सिंह ने कहा ट्रेन में 23 डिब्बे थे जिनमें से 13 डिब्बे पटरी से उतर गये थे। हादसे के वक्त ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने घोषणा की है कि इस हादसे में मरे लोगों के परिवारों को 3.5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये और मामूली रूप से जख्मियों को 25000 रुपये दिये जाएंगे।
रेलवे ने रविवार को कहा कि उसने उत्कल एक्सप्रेस हादसे के प्रभावित यात्रियों और उसमें जान गंवा चुके यात्रियों के परिवारों के बीच अबतक कुल 25 लाख रपये वितरित किये हैं।
मुजफ्फरनगर रेल हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा टनास्थल पर भेजे गये कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने रविवार को बताया कि 50 से अधिक यात्री अस्पतालों से उपचार के बाद अपने घर रवाना हो गये।
रेलवे ने रविवार को संकेत दिया कि उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के पीछे की वजह लापरवाही हो सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच यह सुनिश्चित करेगी कि क्या पटरियों पर मरम्मत का काम बिना इजाजत के हो रहा था। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद ने कहा कि स्पष्ट नहीं था कि उस जगह पर किस तरह का काम हो रहा था। उन्होंने बताया, हालांकि, पटरियों पर होने वाले किसी भी तरह के काम के लिये एक नियमावली का पालन किया जाता है। हमारे यहां मरम्मत कार्यों के लिये नियमावली है जो रेलवे से जुड़ी किसी भी आधारभूत संरचना के काम के लिये दिशा-निर्देश तय करती है।

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