गोली का जवाब गोली है :योगी…

लखनऊ, 16 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के 6 महीने पूरे होने पर एक न्यूज चैनल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि उनकी सरकार में अपराध को रोकने के लिए पुलिस को खुली छूट दी गई है। यही वजह है कि अब इसका असर दिखने लगा है और अपराधियों में दहशत का माहौल है। सहारनपुर दंगों पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार के 6 महीने के कार्यकाल के दौरान एक भी दंगा नहीं हुआ। सहारनपुर में जो कुछ हुआ वह दो जातियों के बीच संघर्ष था, जिसे प्रशासन ने नियंत्रित कर लिया है। पिछले 6 महीने में पुलिस ने मुठभेड़ में 15 इनामी अपराधियों को मार गिराया। वहीं 84 अपराधी गोली लगने से घायल हुए। यह पुलिस को खुली छूट का ही नतीजा है कि अब तक 868 कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि निर्दोषों को छेड़ेंगे नहीं और दोषियों को छोड़ेंगे नहीं। मुख्यमंत्री के इसी निर्देश पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस अपराधियों पर कहर बनकर टूटी है। दरअसल मुख्यमंत्री ने डीजीपी को साफ निर्देश दिया था कि अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। इसी निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। लगातार हो रहे मुठभेड़ और धड़पकड़ की कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। योगी सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी। 20 मार्च से 14 सितम्बर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो अपराधियों के साथ पुलिस की कुल 420 मुठभेड़ हुई है। इनमे शामली में चार, आजमगढ़ में तीन, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में दो-दो अपराधी मारे गए। मेरठ जोन में सबसे अधिक नौ अपराधी मारे गए। राजधानी लखनऊ में हुई एक मुठभेड़ में भी इनामी बदमाश मारा गया। मारे गए सभी बदमाशों का लम्बा चौड़ा इतिहास था। इस दौरान 88 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। योगी सरकार के करीब 6 माह के कार्यकाल में 1106 अपराधी गिरफ्तार किए गए जिनमें 868 कुख्यात अपराधी हैं। इनकी गिरफ़्तारी के लिए पुलिस ने इनाम रखा था। वहीं अब तक 54 अपराधियों पर रासुका और 69 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

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