कोर्ट के आदेश पर होगा राम मंदिर निर्माण-योगी…

अयोध्या, 26 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि विवाद को आपसी बातचीत या न्यायालय से हल करने की जरुरत बताते हुए आज कहा कि यह दोनो ही चीजें सकारात्मक राजनीति से ही संभव है। श्री योगी यहां राम मंदिर आंदोलन के महानायक एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष तथा दिगम्बर अखाड़ा के महंत रहे परमहंस रामचन्द्र दास की चौदहवीं पुण्यतिथि पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर का हल न्यायालय या बातचीत से ही सुलझ सकता है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की सलाह पर दोनो पक्षों को बातचीत से विवाद सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए।
गोरक्षपीठ का सम्बन्ध राम मंदिर आंदोलन से बताते हुए श्री योगी ने कहा मैं बार-बार अयोध्या आऊंगा। मेरे अयोध्या आने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिये। अयोध्या, काशी ने दुनिया को संस्कृति दी है। भारत की पहचान राम और बुद्ध से है। पश्चिमी देशों में भी राम की परम्परा दिख रही है। श्री योगी ने कहा कि थाईलैंड के राजा अपने आपको राम का वंशज मानते हैं।
भारत का कोई बच्चा ऐसा नहीं है जो राम को नहीं जानता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष रामलीला का आयोजन होता है। जगह-जगह कथा भी होती रहती है जिसमें राम-कृष्ण का बखान होता रहता है। कथा को सुनकर लोग आनंदित हो जाते हैं और हर व्यक्ति भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परमहंस रामचन्द्र दास ने अपना जीवन राम के प्रति समर्पित कर दिया था। भारत के इतिहास में अयोध्या केन्द्र बिंदु है। राम वनगमन के स्थान को ढूंढ़ा जायेगा। इण्डोनेशिया मुस्लिम देश है वहां भी रामलीला होती है। इण्डोनेशिया में राम की संस्कृति आज भी बसती है।
श्री योगी ने कहा कि अयोध्या के सभी घाटों का पुनुरुद्धार और अयोध्या में रामलीला और मथुरा में रासलीला का मंचन एवं चित्रकूट में अखण्ड कीर्तन की परम्परा विकसित करने के अभियान में सबको शामिल होने की जरूरत है। नदियों में प्लास्टिक न डालें, गंदगी न करें, जिससे सभी नदियों की पवित्रता बनी रहे। उन्होंने कहा कि अयोध्या को उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर रामायण सर्किट द्वारा जोड़ा जा रहा है।
इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, दिगम्बर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, बड़ाभक्त माल महंत कौशल किशोर दास, रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण, जगद्गुरू रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य, जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याचार्य, स्वामी राघवाचार्य, महंत कन्हैयादास रामायणी, महंत निर्वाणी अनी अखाड़ा के महंत धर्मदास, महंत वैष्णो दास, महंत अर्जुन दास, सांसद लल्लू सिंह, विहिप केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त, गोसाईंगंज विधायक खब्बू तिवारी, रुदौली विधायक रामचन्द्र यादव, बीकापुर विधायक शोभा सिंह चौहान, हिन्दू महासभा के मनीष पाण्डेय, अयोध्या राजा विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र, स्वामी भरतदास, पूर्व विधायक अम्बेडकरनगर पवन पाण्डेय, महंत नारायणाचारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल, पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी आदि मौजूद रहे।
श्री योगी के आगमन पर अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी। जनसभा के पहले श्री योगी परमहंस रामचन्द्र दास की समाधि पर गये और वहां पर उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

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