एक और रेल हादसा : कैफियत एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 78 घायल…

औरैया /लखनऊ, 23 अगस्त। आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत-एक्सप्रेेस कानपुर-इटावा रेल खण्ड पर औरैया में एक डम्पर से टकराने की वजह से पटरी से उतर गयी जिससे 78 यात्री घायल हो गये। अछल्दा और पाता स्टेशन के बीच डम्पर से टकराने की वजह से ट्रेन का इंजन और दस डिब्बे पटरी से उतर गये। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार के अनुसार हादसे में 78 लोग घायल हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है। श्री कुमार ने बताया कि तड़के करीब पौने तीन बजे आजमगढ़ से दिल्ली जा रही ट्रेन संख्या 12225 कैफियत एक्सप्रेस अछल्दा और पाता स्टेशन के स्टेशन बीच मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर एक डम्पर एच आर 63 बी 9175 आ गया। डम्पर में मिट्टी लदा था ।ट्रेन आती देख ड्राइवर डम्पर पटरी पर छोड भाग गया। लोगों ने उसे बनियान और लुंगी में भागते देखा। उसका पता लगा लिया गया है।जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा। रेलवे ने डम्पर के अवैध रुप से रेल पटरी पर आने का दावा किया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। हादसे की वजह से दिल्ली-हावडा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया ।उत्तर प्रदेश में पांच दिन के अन्दर दूसरे बड़े हादसे के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया है कि मौके पर आला अधिकारियों को भेज दिया गया है। स्थिति पर उनकी नजर है। वह पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। गत 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से 24 लोगों की मृत्यु हो गई थी और सैकडों घायल हुए थे।
इस बीच औरैया के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई घायलों को सैफई के पीजीआई भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर मिट्टी लदा डम्पर रेल लाइन पर आ गया और ट्रेन उससे टकरा गई जिससे यह हादसा हुआ।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को अछल्दा स्टेशन से दिल्ली जाने के लिए व्यवस्था कराई जा रही है। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गये हैं। प्रथम दृष्टया लगता है कि डंपर चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के कारण इस रेल खण्ड पर ट्रेनों का संचालन बाधित है। राहत एवं बचाव का काम अभी जारी है। कानपुर और इलाहाबाद से मशीनें भेजी गई हैं। दुर्घटना के बाद अनेक ट्रेन रास्ते में ही खडी हैं। कुछ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया जा रहा है।
हावड़ा-राजधानी एक्सप्रेस का रुट बदल दिया गया है। इसके अलावा अप लाइन की 21 और डाउन की 19 ट्रेने प्रभावित हुई हैं। बिहार सप्तक्रान्ति एक्सप्रेस को लखनऊ से मुरादाबाद होकर दिल्ली भेजा जा रहा है।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन जारी की है। हेल्पलाइन 9794830975 ,0512 23233015, 05688266382 हैं। घटना की उच्चस्तीरय जांच के आदेश दे दिये गये हैं।
कैफियत एक्प्रेस से दिल्ली जा रहे आजमगढ़ के शकील के अनुसार वे अपने सहयात्रियों के साथ दुर्घटना के समय गहरी नींद में सो रहे थेे कि अचानक नींद खुली तो यात्रियों की चीखपुकार सुन उनके पांव के नीचे से जमीन ही खिसक गई। शकील ने कहा कि हर तरफ अफरा-तफरी थी जान बचाने की होड़ लगी थी। शाहगंज के जमील भी दिल्ली जा रहे थेे। जमील का कहना है कि खचाखच भरे सामान्य डिब्बे में लोगों को सर्वाधिक चोट आई है। जमील को भी चोट लगी है। उसने बताया कि दुर्घटना के बाद स्थानीय नागरिकों से काफी मदद मिली हालांकि स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंचने में ज्यादा देरी नहीं लगाई।
औरैया के एक डाक्टर के अनुसार घायलों का इलाज किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायलों को इटावा के सैफई पीजीआई रेफर किया गया है। पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी के अनुसार अप और डाउन दोनों लाइनों पर डिब्बे बिखर गये हैं।
बिजली लाइन के खम्भे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं । इसलिए ट्रेनों का आवागमन सामान्य होनेे में कई घंटे लगेगें हालांकि रेलकर्मियों ने यातायात सामान्य करने की दिशा में काम शुरु कर दिया है ।
वित्त मंत्री ने बताया कि वैकल्पिक तंत्र का अंतिम स्वरूप रिजर्व बैंक की सलाह पर सरकार द्वारा बाद में अधिसूचित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों के विलय का निर्णय शुद्ध रूप से वाणिज्यिक कारकों पर आधारित होना चाहिये। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े और मजबूत बैंकों के गठन के पक्ष में है। उल्लेखनीय है कि इस समय भारतीय स्टेट बैंक के अलावा इस समय 20 सार्वजनिक बैंक अस्तित्व में हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या चालू वित्त वर्ष में कुछ और सार्वजनिक बैंकों का विलय हो सकता है, श्री जेटली ने इसकी संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार भी ऐसी उम्मीद करती है। सबसे पहले वर्ष 1991 में यह सलाह दी गयी थी कि सार्वजनिक बैंकों की संख्या कम हो लेकिन वे वित्तीय रूप से मजबूत हों। पिछले साल मई में भारतीय स्टेट बैंक में उसके पाँच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय की प्रक्रिया शुरू की गयी और इस साल 01 अप्रैल को विलय प्रक्रिया पूरी हो गयी।

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